पाकुड़ अपडेट : आपसी घरेलू विवाद के कारण उनके पति जेल में हैं। एक बहन के लगभग नौ छोटे-छोटे बच्चे हैं कोई एक साल का, कोई दो साल का, कोई तीन साल का, कोई छः साल का, कोई सात साल का। दूसरी बहन के भी चार मासूम बच्चे हैं। इतने बड़े परिवार में जब घर का कमाने वाला जेल में हो, तो खाने-पीने, दूध-दवा और रोज़मर्रा के खर्च की कितनी परेशानी होती है यह हम सब समझ सकते हैं। लगभग आठ महीने पहले जब ये दोनों बहनें समाज सेवी सह पूर्व एनडीए प्रत्याशी अजहर इस्लाम के पास आई थीं, तब अजहर ने वादा किया था कि जब तक इनके पति को बेल नहीं मिलती, तब तक इनके घर का खर्च अपने स्तर से देखूँगा और अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगातार देख-रेख करवाऊँगा। इसी को याद रखते हुए अजहर इस रमज़ान के पवित्र महीने में उन दोनों बहनों के घर पहुंचा और पूरे महीने के लिए भरपूर राशन उपलब्ध कराया ताकि रमज़ान अच्छे से गुज़रे। साथ ही कुछ आर्थिक सहयोग भी किया गया ताकि ईद के दिन उनके बच्चे नए कपड़े खरीद सकें और खुशी से त्योहार मना सकें। मामले पर अजहर ने मीडिया को बताया कि मेरा उद्देश्य सिर्फ राजनीति करना नहीं है, बल्कि संकट में फँसे परिवारों के साथ खड़ा रहना है। मासूम बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही मेरी सबसे बड़ी कमाई है। अल्लाह से दुआ है कि जल्द ही इन परिवारों की मुश्किलें कम हों और उनके घरों में फिर से खुशियाँ लौटें।
