पाकुड़ अपडेट : महज कुछ दिनों पहले बंगाल के कोलकाता में एमएलए बोर्ड लगे पूर्व एनडीए प्रत्याशी सह समाजसेवी, पाकुड़ विधानसभा अजहर इस्लाम का एक महंगी कार में बैठे हुए फोटो को काफी वायरल किया गया था, जिसको लेकर अजहर ने रविवार को अपने रईस मिल में प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस को आरे हाथ लेते हुए आरोप लगाया कि हमारी राजनीति में बढ़ता छवि को विधायक का पुत्र बरदास्त नहीं कर पा रहा है, उन्होंने कहा कि साजिश रची जा रही है मुझे बदनाम करने की। एमएलए बोर्ड मेरे बंगाल में एक रिश्तेदार की है जो विधानसभा सदस्य है, उस गाड़ी को विधानसभा से पास किया हुआ है। इस मामले पर न्यायालय के समक्ष जाऊंगा और आगे की कार्यवाही करूंगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी बदनाम किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ये स्वीकार ही नहीं कर पा रहा हैं कि कल तक जो लड़का उनके कहने पर उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए रात दिन एक कर देता था आज वो लड़का उन्हें आँख में आँख डालकर चुनौती दे रहा है। यह मामला पत्रकारों के सवालों का नहीं बल्कि मेरे राजनीतिक विरोधियों के हदस में आने का है।

उनकी परेशानी का है, उन्हें राजनीतिक मैदान में मिल रही चुनौती का है। झारखंड विधानसभा चुनाव के महीना भर पहले मैने राजनीतिक जीवन में कदम रखा, मुस्लिम होते हुए एनडीए प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और पूरे दमखम से अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई। चुनाव में मैं दूसरे स्थान पर रहा लगभग 70 हजार वोट मिले, इस चुनाव मैदान में विधायक रह चुके लोग भी थे, जो तीसरे स्थान पर खिसक गये और पहली बार चुनावी राजनीति में आकर 50 साल से राजनीति में रहे परिवार को कड़ी टक्कर दिया। ये टक्कर उनकी चिंता का कारण है, उनके सवालों का कारण है और उनके द्वारा मुझे ट्रॉल करने का कारण है, जहाँ तक बात एमएलए लगे बोर्ड की है तो मेरे रिश्तेदार बंगाल विधानसभा में विधायक हैं, बंगाल नंबर की इस गाड़ी को विधानसभा से पास मिला हुआ है हमारे रिश्तेदार इस गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं, यह गाड़ी कोलकाता में ही रहती है और वहां हमारे रिश्तेदार विधायक इसका इस्तेमाल करते हैं उसी गाड़ी में बैठी हुई मेरी तस्वीर वायरल हुई है । अजहर ने कहा कि मेरे राजनीतिक प्रतिद्वंदी इस बात को बखूबी जानते हैं लेकिन उन्होंने इसे ट्रोल करने का इरादा बनाया और कई यूट्यूबर को उन्होंने इस काम में लगाया, मुझे उन यूट्यूबरों से शिकायत नहीं है क्योंकि मैं जनता हूं कि उन्हें अंधेरे में रखकर ये काम कराया जा रहा है। दरअसल चुनावी मैदान में हारने के बाद भी समाज के बीच आज भी सक्रिय हूँ, चुनावी हार के बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लोगों के सुख दुख में साथ निभाता आ रहा हूँ, जो परिवार पाकुड़ में दशकों से विधायक रहा है, इस पाकुड़ में आज भी लोगों की समस्या उनसे दूर नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लोग मेरी तरफ उम्मीद की नज़र से देखते हैं और अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं, जिन्हें मैं हर संभव दूर करने का प्रयास करता हूँ. लोगों के साथ खड़ा होने के कारण और लोगों का मेरी तरफ आकर्षित होने के कारण मुझ पर कई तरह की दबिश भी देने की कोशिश की गई। मेरे व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया गया। कई फर्जी आरोप लगाये गये और इसमें थाना पुलिस का भी मामला बनाया गया और तो और चुनाव के दौरान मुझपर हमला भी कराया गया, मुझे मालूम है कि सोना तपकर ही कुंदन बनाता है और राजनीति वो आग की लालिमा है जहां मैं इन आरोपों को पार कर ही अपने उद्देश्य तक जाऊंगा मेरा कोई बड़ा उद्देश्य नहीं है बस इतना है कि पाकुड़ विधानसभा में समस्याओं का स्थाई समाधान हो, लोगों के रोजमर्रा के कामों में आसानी आयें उन्हें अपनी परेशानियों को दूर करने के लिए पैसे नहीं देना पड़ें। अपने हक के लिए थाना पुलिस का चक्कर नहीं लगाना पड़े। समाजसेवा ही मेरा उद्देश्य है और यही मेरी पूंजी भी है जहां तक मेरी छवि को धूमिल करने का जो निंदनीय प्रयास किया गया है. उसको लेकर मैं कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहा हूँ और जल्द ही मैं न्यायालय में मामले को ले जाऊंगा ।
