पाकुड़ : राज्य और केंद्र सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों खर्च के साथ साथ कई योजनाओं का निर्वाह कर रही है लेकिन विभागीय लापरवाही माने या कमजोरी आज भी इस आधुनिक युग में बिना बिजली और पानी के छोटे बच्चे आंगनबाड़ी में पढ़ने को मजबूर है। आपको बता दे मामला सदर प्रखंड अंतर्गत सेजा गांव में स्थित आंगनबाड़ी की है जहां भवन निर्माण हुए वर्षों बीत गए लेकिन आज तक इस आंगनबाड़ी में बिजली नहीं आई, टंकी और मोटर भी लगाया गया है लेकिन बिना बिजली के यह बेजान होकर पड़ी है। इस मामले पर सहायिका मंजू देवी ने बताया कि आज तक बिजली कनेक्शन नहीं किया गया है, चापानल में सही पानी नहीं है, बहुत मुश्किल से बच्चों का खाना बनता है। बिजली नहीं रहने के कारण बहुत सारे बच्चे आंगनबाड़ी आना तक नहीं चाहते है, पानी पीने के लिए बच्चे घर चले जाते है।
