पाकुड़ अपडेट : जिले भर में इन दिनों लगातार निजी विद्यालयों की बढ़ते मनमानी एवं री एडमिशन के नाम पर हर वर्ष नामांकन शुल्क एवं निर्धारित दुकानों से हर वर्ष किताब के प्रकाशक को बदल कर नए खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने के खिलाफ राष्ट्रीय संगठन रामभक्त सेवा दल ने गुरुवार को उपायुक्त के नाम ज्ञापांक सौंपा। मामले पर संगठन के जिला अध्यक्ष सनातनी रतन भगत ने निजी विद्यालयों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हर वर्ष नामांकन शुल्क, किताब किसी तय दुकान से खरीदने , ड्रेस इत्यादि विद्यालयों से बिक्री वो भी मनमानी कीमतों पर गलत है, अन्य जिलों में री एडमिशन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यहां तो उपायुक्त का भी आदेश का पालन निजी विद्यालय नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि हर मां बाप यह चाहता है कि किसी तरह से दुःख तकलीफ में भी वे अपने बच्चे को बेहतर शिक्षा दे, उनसे बेहतर उनका बच्चा करें लेकिन यहां तो निजी विद्यालयों के द्वारा शिक्षा को व्यवसाय बना कर रखा है। सुविधा के नाम पर शून्य लेकिन कई बहाना से रकम ऐंठना इनकी कारोबार हो चुकी है। एक तो महंगाई चरम सीमा पार चुकी है वही निजी विद्यालय मनमानी करने से बाज नहीं आ रहा है, शिक्षा विभाग की शिथिलता के कारण आज यह हाल है, गरीब बच्चों को निजी विद्यालयों में 25 % पढ़ाना था लेकिन आज तक कितना बच्चा निजी विद्यालयों में गरीबी के तहत् पढ़ाई कर रहा है इसका डाटा विभाग यह विद्यालय सार्वजनिक नहीं की है। उन्होंने स्थिति सही नहीं होने पर आंदोलन की बात करते हुए कहा कि जिस प्रकार निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है अगर यह तुरंत बंद नहीं होता है तो संगठन बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य हो जायेगी। संगठन जनहित एवं समाज हित में हमेशा से तत्पर है और रहेगी। मौके पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि सनातनी सागर, प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार सिंह, प्रदेश अध्यक्षा सह जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, जिला महामंत्री दुलाल सिंह, आशीष चौरसिया सहित दर्जनों सदस्य मौजूद थे।
