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मांस दुकानों को मिला नगर परिषद का निर्देश, नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा

पाकुड़ : झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन एवं नगर परिषद पाकुड़ में स्थाई समिति की बैठक दिनांक 07.05.2026 के प्रस्ताव संख्या-05 का 03 के आलोक में मांस दुकान के मानको के अनुरूप संचालन एवं पशुवध हेतु पदाधिकारी / कर्मियों को विशेष जिम्मेवारी दी गई।बंसत प्रजापति, राजस्व निरीक्षक, आनन्द कापरी, टैक्स दारोगा, विवेक कुमार, सफाई सुपरवाईजर, सौरभ कुमार, राजस्व निरीक्षक, भानु प्रकाश, राजस्व निरीक्षक, शमशेर अंसारी, कर संग्रहकर्त्ता, चदंन कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक, साद असद, विधि सहायक, सुमन्तो घोष, लाईसेन्स इन्सपेक्टर।

इन कर्मियों को निर्देश दिया गया कि प्रतिदिन वधशालाओं की जाँच सुबह करने के बाद ही वधशालो को पशुवध (खस्सी, पाठा/पाठी, बकरा / बकरी ) करने और बेचने की अनापत्ति देंगे। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जो टीम गठित किया गया है, यह लोग प्राप्त निर्देशों का पालन नियम से करेंगे। दुकानदारों को सक्षम स्तर से निर्गत लाईसेन्स की एक प्रति दुकान में सुरक्षित रखना सुनिश्चित करेंगे अन्यथा जाँच में लाईसेन्स दुकान में नहीं पाये जाने पर 5000.00 रू० का दंण्ड शुल्क लिया जायेगा एवं दुकान को सील करने की कार्रवाई की जायेगी । वध हेतु अधिकतम पशु (बकरा / बकरी) की संख्या-10 होगी एवं पशुओं यथा :- बकरा / बकरी की सही-सही संख्या की प्रदर्शन प्रतिदिन दुकान में किया जाएगा। वधशाला नियमित साफ-सुथरा होना चाहिए ।वधशाला में पशुवध स्थान को शिशे / अन्य के दिवार के अन्दर चिन्हित रखे एवं उसी स्थान पर पशुवध करेंगे, ताकि आमजनो को इससे कोई कठिनाई न हो।

वधशाला में पशुवध के उपरान्त रक्त का प्रवाह खुली नाली में नहीं करेंगे। किसी परिस्थिति में एक पशु के समक्ष दुसरे पशु का पशुवध नहीं करेंगे। गर्भवती पशु, तीन माह से कम उम्र के पशुओं के माताओं, बीमार पशुओं तथा तीन माह से कम आयुवर्ग के पशु शिशुओं का पशुवध नहीं करेंगे। पंजीकृत/सरकारी सक्षम स्तर के जाँचकर्त्ता द्वारा अनिवार्य रूप से वध हेतु प्रस्तुत प्रत्येक पशु का वध से पूर्व स्वास्थ परीक्षण तथा वधोपरान्त शव परीक्षण कराया जाना अनिवार्य हैं। वधशाला स्थल का परिवर्तन/परिसर वृद्धि अथवा बंद करने की सूचना निगम को पूर्व में देना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण एवं एन०ओ०सी० के वधशाला संचालित नहीं करेंगे। पंजीकरण एवं एन०ओ०सी० के अवधी समाप्ति के एक माह पूर्व इसका नवीकरण का आवेदन देना अनिवार्य हैं अन्यथा नवीकरण में विलम्ब होने पर झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम 2011 की सुसंगत धाराओं के अधीन Penalty देय होगा एवं कानूनी कार्रवाई किया जायेगा। उपरोक्त आदेशो का पालन करना अनिवार्य है अन्यथा एन०ओ०सी० निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी।

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