रांची डेस्क : सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना अत्यंत चिंताजनक है। उनके घायल होने की खबर ने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को व्यथित किया है। यदि किसी दबाव, भय या प्रतिकूल राजनीतिक माहौल के कारण उन्हें समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई अथवा उपचार में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न हुई है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उक्त बातें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा। उन्होंने घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य के साथ समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकता। हार-जीत राजनीति का हिस्सा है, परंतु किसी के स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डालने वाली परिस्थितियाँ लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि लोकतंत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सम्मान से चलता है।

झारखंड में हमारी सरकार ने हमेशा विपक्ष की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन स्वास्थ्य और मानवता किसी भी राजनीति से ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ मैं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आग्रह करता हूँ कि अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यदि आवश्यकता हो तो उन्हें झारखंड भेजा जाए।

आदरणीय जन नायक राहुल गांधी के मार्गदर्शन पर ओर लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान और समुचित इलाज की पूरी व्यवस्था करने के लिए तैयार है। एक स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि अभिषेक बनर्जी जी को झारखंड में सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। हमारा उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि एक घायल जनप्रतिनिधि के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा करना है।देश को नफरत, टकराव और नकारात्मक राजनीति नहीं, बल्कि संवाद, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों की आवश्यकता है। मैं अभिषेक बनर्जी जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करता हूँ।

