पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सत्ता संभालने से पहले किए गए अपने वादों को निभाने का मजबूत संकेत दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनका उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने आदर्श रहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुशासन और विकास की नीतियों पर ही आगे बढ़ेंगे।दरअसल, एनडीए गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों के नेताओं ने हाल ही में शराबबंदी कानून की समीक्षा कर उसे समाप्त करने का सुझाव दिया था। उनका मानना था कि इससे राजस्व में बढ़ोतरी हो सकती है और कानून व्यवस्था से जुड़ी कुछ चुनौतियां भी कम हो सकती हैं।लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन सुझावों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया कि वे शराबबंदी के फैसले पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। उनका यह रुख बताता है कि वे नीति और सिद्धांतों के मामले में ‘अटल’ हैं।सम्राट चौधरी का यह निर्णय न केवल उनके राजनीतिक संकल्प को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि बिहार में सुशासन की मौजूदा नीति में कोई बड़ा बदलाव फिलहाल देखने को नहीं मिलेगा।
