पाकुड़ : दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ में मातृ दिवस से पूर्व मातृ- शक्ति के आगे नतमस्तक होने और बच्चों में नैतिक मूल्य बढ़ाने के उदेश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री वंदना के साथ हुई।प्रधानाध्यापक श्री जे के. शर्मा जी ने अपने सम्बोधन में मंत्र द्वारा मातृ शक्ति का आवाहन करते हुए माताओं का हमारे जीवन में महत्व और उनके प्रति सम्मान को व्यक्त करते हुए माँ को दुनिया की सबसे सर्वश्रेष्ठ कृति बताई।

उन्होंने बच्चों से कहा माँ का प्यार निस्वार्थ होता है। उनकी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, उनकी मदद करें और उन्हें कभी दुख न पहुँचाएँ। माँ हमारे जीवन की पहली गुरु और सबसे अच्छी मित्र होती हैं।” निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने अपने संदेश में माताओं के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “माताएँ हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग और ममता का सबसे सुंदर रूप होती हैं।

उन्होंने हमें चलना, बोलना और सही-गलत की पहचान करना सिखाया है। इसलिए हर बच्चे का कर्तव्य है कि वह अपनी माँ का सम्मान करे, उनकी बातों को ध्यान से सुने और हमेशा उनका आदर करे। कार्यक्रम के प्रारंभ में छात्रों ने समूह गीत “मेरी माँ” की भावपूर्ण प्रस्तुत कर समां बाँध दिया। छोटे बच्चों ने सामूहिक नृत्य में भाग लेकर अपनी माँ के प्रति अपनी संवेदनाओं और सम्मान का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम ने बच्चों के मन में माँ के प्रति सम्मान, प्रेम और नैतिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया। “एक पत्र माँ के नाम”, कार्ड मेकिंग एवं चित्रकला जैसी गतिविधियों ने बच्चों की संवेदनाओं को सुंदर अभिव्यक्ति प्रदान की। मातृदिवस कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगीत सह राष्ट्रगान के साथ हुआ। मातृ – दिवस कार्यक्रम एक भावुक कर देने वाला यादगार और भावनात्मक क्षण था।
