पाकुड़ : दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ के प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस शिविर 2026 का आयोजन एक दिन पूर्व अर्थात 20 जून 2026 को बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा प्रधानाचार्य महोदय ने सक्रिय रूप से भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक योगाभ्यास के साथ हुआ।

शारीरिक प्रशिक्षक श्री सोऊगता मैतिया और सुश्री सोमा मोंडोल के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान का अभ्यास किया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों को नियमित योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा शारीरिक एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिसर में योग दिवस के उपलक्ष्य में “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य बच्चों में योग के महत्व एवं उसके लाभों के प्रति समझ विकसित करना था।

विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। विद्यालय के निदेशक श्री अरुणेंद्र कुमार जी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व संध्या पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त एवं तनावपूर्ण जीवन में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित एवं अनुशासित जीवन जीने की कला है।

योग हमें आत्मविश्वास, एकाग्रता तथा मानसिक दृढ़ता प्रदान करता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि स्वस्थ एवं जागरूक नागरिक ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जे. के. शर्मा जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मन को भी शांत और एकाग्र बनाता है। उन्होंने बच्चों को “योगः कर्मसु कौशलम्” के द्वारा समझाया कि कर्मों यानि अपने जिम्मेदारियों को निभाने की कुशलता ही योग है।

श्री शर्मा जी ने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य विषय “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) का वर्णन करते हुए बताया कि यह विषय जीवन भर गतिशीलता, मानसिक स्पष्टता और दीर्घायु बनाए रखने में योग के महत्व पर जोर देता है।” कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह, ऊर्जा एवं सकारात्मकता का वातावरण देखने को मिला।

