पाकुड़ : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने शनिवार को 24 वर्षीय युवक मंतोष कुमार सिंह की नृशंस हत्या करने वाले दो हत्यारों एवं अपहरणकर्ता राजन साह एवं मिलन कुमार साह को दो धाराओं में सश्रम आजीवन कारावास एवं अन्य दो धाराओं में क्रमशः 10 साल एवं 7 साल की सश्रम कारावास एवं एक-एक लाख रुपया और क्रमशः 50000 एवं 25000 जुर्माना करने की सजा सुनाई है।

जुर्माना की राशि नहीं देने पर दोनों को अतिरिक्त एक-एक साल अतिरिक्त जेल में ही रहना पड़ेगा। हत्या करने की कुर्ता को देखते हुए न्यायाधीश ने दोनों को अलग-अलग सजा भुगतने की बात कही है। अपहरण करता ने एक युवक को छोड़ दिया था। दोनों हत्यारे एवं मृतक महेशपुर थाना अंतर्गत बलियाबंगाल गांव के रहने वाले हैं। मृतक के बड़े भाई संतोष कुमार सिंह ने 25 मार्च 20 24 को इस हत्या और अपहरण कांड को लेकर महेशपुर थाना में कांड संख्या 34/24 दर्ज किया था। इसके अनुसार संतोष का छोटा भाई शाम के करीब 6:30 बजे गांव की हाट में सब्जी खरीदने गया था।

इस दौरान राजन एवं मिलन ने दोनों पर जानलेवा हमला करके घायल कर दिया था। फिर बाद में उन्होंने दोनों को अपने अपाची मोटरसाइकिल में लादकर गुमा मोड की ओर ले गया था। दोनों अपहर्ताओं ने मंतोष कुमार सिंह को पत्थर से कूच कूच कर निर्मम हत्या कर दी थी और दूसरे युवक रविराज सिंह को छोड़ दिया था। बताया गया है कि यह घटना पुरानी झगड़ा के कारण घाटी है। इस मामले के सरकारी वकील यानि पीपी लुकास कुमार हेंब्रम ने बताया कि हत्यारे ने जिस क्रूरता के साथ मंतोष की हत्या की उसी के आलोक में न्यायाधीश ने दोनों हत्यारों को एक सजा के बाद दूसरी सजा भुगतने की सजा सुनाई है।

